May 30, 2020

गमछा मास्क लगाकर आए पीएम मोदी, बोले- देश में है दवा का भंडार

21 दिन के ऑल इंडिया कोरोना लॉकडाउन के आखिरी दिन मंगलवार की सुबह पीएम नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू किया। यहां पीएम मोदी मास्क की जगह आम तौर पर प्रयोग होने वाला गमछा लगाकर शुरू किया। सबसे पहले अंबेडकर जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर देश के प्रयासों पर बात की कि किस तरह भारत ने समय रहते इससे बचाव शुरू कर दिया था। पीएम मोदी ने कहा, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई, बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आपकी तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक, कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। उन्होंने 3 मई तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है।

उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल के बाद कुछ इलाकों में सशर्त अनुमति दी जा सकती है। जिन इलाकों में कोरोना के केस नहीं बढ़ेंगे और हॉट स्पॉट बनने की आशंका नहीं होगी। उन्हीं इलाकों में 20 अप्रैल से सशर्त छूट मिलेगी। इस बार में कल सरकार विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगी।

पीएम मोदी के इस भाषण में उनके गमछा मास्क ने लोगों का खूब ध्यान खींचा। बता दें कि यूपी सरकार के आदेश ने हाल में मास्क को लेकर गरीबों की टेंशन भी खत्म कर दी है। कहा गया कि उनका गमछा ही मास्क का काम करेगा। योगी सरकार ने कहा है कि जिनके पास मास्क नहीं है, वे गमछा से भी खुद को कोरोना से बचा सकते हैं।

गांव देहात में तपती दोपहरिया में पसीना पोछने, बारिश में सिर ढंकने और ठंड में कान बांधने के काम आने वाला गमछा या अंगौछा कोरोना महामारी में मास्क के विकल्प के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कह दिया है कि लॉकडाउन में और लॉकडाउन खुलने के बाद भी अगर घर से बाहर निकलें तो चेहरा ढंककर ही निकलें। मास्क के साथ गमछा और दुपट्टा भी इसका विकल्प हो सकता है।

अपने मित्रों के साथ शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.