November 29, 2020

दिल्ली चुनाव: इस बार मीम गेम का बढ़ा चस्का, पार्टियां ले रहीं भाग

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नई दिल्ली । जैसे-जैसे दिल्ली की चुनावी दौड़ आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों ने अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए मीम्स का सहारा लेना शुरू किया गया है और यहां तक कि आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस भी इस दौड़ में शामिल हो गई हैं। कई मीम्स के टेम्पलेट्स तो एक जैसे ही हैं – इनमें कई बॉलीवुड फिल्मों के मोर्फेड स्क्रीन ग्रैब से लेकर टेलीविजन विज्ञापनों की एडिटिड क्लिप तक हैं। एक नया मीम 1993 में आई शाहरुख खान और काजोल के अभिनय वाली फिल्म ‘बाजीगर’ के एक स्क्रीन ग्रैब पर आधारित है। ‘आप’ के ट्विटर हैंडल से शुक्रवार को एक के बाद एक फिल्म ‘बाजीगर’ के स्क्रीनग्रैब वाले मीम पोस्ट किए गए जिनमें शाहरुख खान और काजोल दोनों अपने को-स्टार सिद्धार्थ रे के साथ थे, जो उदास दिख रहे थे। ‘आप’ ने शाहरुख खान की तुलना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, काजोल की तुलना दिल्ली और सिद्धार्थ रे की तुलना दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी से की है। ‘आप’ के मौजूदा चुनावी अभियान के लिए ऐसे कई मीम बनाने वाले 23 वर्षीय अभिजीत दीप्के ने कहा कि कि यह हमारे अब तक के सबसे अच्छे मीम्स में से एक है। फोटोग्राफ में पात्रों के भावों ने यह साफ कर दिया है कि केजरीवाल ही दिल्ली जीतेंगे जैसे फिल्म में शाहरुख खान ने काजोल को पाकर जीत हासिल की थी। तिवारी जी बुरी तरह घूरते रहेंगे। अभिजीत दीप्के पुणे से मीडिया स्टडीज में ग्रेजुएट कर चुके हैं। वहीं, भाजपा ने भी शाहरुख खान की एक फिल्म “SRK (खान) के पोस्ट से इसका जवाब दिया। भाजपा ने कहा कि फिल्म में खान एक खलनायक था जो काजोल और उसके परिवार के खिलाफ साजिश रच रहा था। उसने ही काजोल की बहन को मार डाला। और अंत में, अपने पापों के लिए वह भी मारा गया। दिल्ली में केजरीवाल का भी यही हाल हो रहा है! इस खींचतान को और भी दिलचस्प बनाते हुए कांग्रेस ने भी एक मीम पोस्ट किया जिसमें कट-आउट फोटो के जरिए स्वयं को अभिनेता अजय देवगन के रूप में पेश किया। इस मीम के माध्मय से कांग्रेस ने भाजपा और आप पर कटाक्ष करते हुए यह स्पष्ट किया कि असल जीवन में काजोल की शादी अजय देवगन से ही हुई थी। इसलिए जाहिरा तौर पर दिल्ली में कांग्रेस ही आएगी। इस तरह के अभियान की मदद पार्टिंयों का युवाओं को आकर्षित करने का प्रयास है – दिल्ली में 13.7 मिलियन वोटर हैं, जिनमें से 3.1 मिलियन वोटर 18 से 30 साल के बीच हैं।
– क्या है तयारी
दिल्ली कांग्रेस के सोशल मीडिया चीफ राहुल शर्मा का कहना है कि, ”आज मोबाइल इंटरनेट की पहुंच पांच साल पहले की तुलना में बहुत अधिक है। शहर के हर दूसरे व्यक्ति के पास स्मार्टफोन है। यह अभियान सोशल मीडिया पर तेज होना चाहिए”। यह कैम्पेन पार्टियों के साथ बंद नहीं होता है, कई समर्थक मीम के अपने द्वारा बनाए गए के साथ इनका जवाब भी देते हैं।
भाजपा की दिल्ली इकाई के सोशल मीडिया प्रमुख पुनीत अग्रवाल का कहना है कि, “पार्टी हैंडल पोस्ट किया गया आधिकारिक जवाब हमारी क्विक रेस्पॉन्स टीम द्वारा तैयार किया गया था, जो कि सोशल मीडिया पर ध्यान केंद्रित करती है। साथ ही कुछ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने व्यक्तिगत क्षमता में इन मीम्स को शेयर किया। दिल्ली में ‘आप’ ने क्रिसमस के आसपास मीम अभियान में कदम रखा था और अब तक वे नायक (2001), मैं हूं ना (2004) और गली ब्वॉय (2019) जैसी फिल्मों से स्क्रीन ग्रैब के आधार पर मीम्स बना चुके हैं। जबकि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर नायक फिल्म वाले मीम का कोई जवाब नहीं दिया था, जो एक भाजपा समर्थक ने किया था। पुनीत अग्रवाल ने कहा कि हमने उस मामले में अपने समर्थकों के मीम का कभी समर्थन नहीं किया। लेकिन यह तय किया कि हमें भी जवाब देना शुरू कर देना चाहिए और साथ ही अपने स्वयं के मीम्स बनाने चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह लड़ाई पेशेवर हो और किसी की भावनाओं को चोट न पहुंचे। कांग्रेस ने पिछले हफ्ते ‘आप’ के पोस्ट के जवाब में मीम पोस्ट कर इस लड़ाई में कदम रख दिया था। ‘आप’ की ओर से पोस्ट किया गया मीम एक सीमेंट विज्ञापन का एडिटिड वर्जन है। वहीं, कांग्रेस ने एक लोकप्रिय दीवार पेंट ब्रांड वाले एक समान विज्ञापन का मीम बनाकर इसका जवाब दिया। राहुल शर्मा ने कहा कि समान टैम्पलेट वाले मीम से ही जैसे को तैसा वाला जवाब देने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि यह चलन तब तक जारी रहेगा जब तक मीम की लड़ाई जारी रहेगी। अधिकारियों द्वारा भी इन मीम्स को नजरअंदाज नहीं किया गया है। सोमवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी ने ‘आप’ और भाजपा दोनों को इनके लिए नोटिस जारी किया। ‘आप’ को जहां मनोज तिवारी के एक एडिटिड वीडियो के लिए नोटिस भेजा गया है, वहीं भाजपा को ‘पाप की अदालत’ टाइटल से एक पैरोडी वीडियो के लिए नोटिस दिया गया है। ब्रांड सलाहकार और कॉलमिस्ट संतोष देसाई ने कहा कि संचार का कोई भी रूप जिसमें तेजी से फैलने और पुनरावृत्ति करने की शक्ति है मीम उसका ही एक उदाहरण है। राजनीतिक अभियानों के मीम्स में वो ताकत होती है जिनके माध्यम से जानकारी को आसानी से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इनमें हास्य और व्यंग्य का भरपूर तड़का होता है। जो कि संदेशों को प्रभावी ढंग से बढ़ा सकते हैं। राहुल शर्मा ने कहा कि यह सोशल मीडिया पर एक युद्ध की तरह है। हम आने वाले दिनों के लिए और मीम बना रहे हैं। यह युद्ध जारी रहेगा।

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