April 12, 2021

एक साथ रिटायर होंगे BSNL के 3554 कर्मचारी

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लखनऊ,बीएसएनएल के पूर्वी परिमंडल में बरसों से नौकरी कर रहे 3,554 कर्मचारी 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद पहली फरवरी से काम को लेकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। जीएम प्रशासन ने रिटायर होने वाले कर्मचारियों से नई व्यवस्था होने तक सेवाएं देने का अनुरोध किया है।

बीएसएनएल के पूर्वी परिमंडल में 6800 अधिकारी व कर्मचारी हैं। इनमें से 3,554 कर्मचारी 31 जनवरी को वीआएस ले रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के जाने से बीएसएनएल की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। तीन महीने पहले से जानकारी होने के बावजूद अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों की कमी पूरा करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। विभागीय सूत्रों के अनुसार 29 जनवरी को जीएम प्रशासन एवं कार्मिक एके श्रीवास्तव ने वैकल्पिक प्रबंध होने तक सेवाएं देते रहने के लिए कर्मचारियों से लिखित अपील की थी। उन्होंने कहा है कि बीएसएनएल में सहयोग देने के लिए कर्मचारी एसएसए प्रमुखों के पास अपने नाम व मोबाइल नंबर लिखा दें, जिससे उनकी सेवाएं ली जा सकें।

‘ज्यादा जिम्मेदारी के लिए रहें तैयार’
बीएसएनएल अफसरों ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद बचे 3 हजार 246 कर्मचारियों से पूरी तन्मयता से ड्यूटी करने को कहा है। इसके साथ ही पहले से ज्यादा जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहने को भी कहा गया है। हालांकि, मोबाइल सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़ने देने के लिए अधिकारियों ने पहले ही तैयारियां कर ली हैं। इसके बावजूद करीब 65 प्रतिशत कर्मचारी कम होने से फोन व ब्रॉडबैंड सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

टूट सकती है परंपरा,जताई गई नाराजगी
बीएसएनएल में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार रिटायर होने वाले कर्मचारियों को शॉल, स्मृति चिह्न व 2100 रुपये देकर विदाई दी जाती थी। विभाग की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण इस बार परंपरा टूटने के आसार हैं। इसे लेकर ऑल इंडिया रिटायर्ड बीएसएनएल एग्जिक्यूटिव वेलफेयर असोसिएशन के सर्कल सेक्रटरी पल्लव बोस ने नाराजगी भी जताई है। पल्लव बोस के अनुसार संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रह्लाद राय ने सीएमडी पीके पुरवार से मिलकर सम्मान दिलाने के लिए पत्र सौंपा था। इसके बावजूद सीएमडी ने परंपरा जारी रखने से हाथ खड़े कर दिए।

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