April 12, 2021

10 माह की दूधमुहे बच्चे को लेकर मृतक बेटी को इंसाफ दिलाने पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं परिजन

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मामला राजनांदगांव जिले के घुमका थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पटेवा का है
राजनांदगांव।
25 जुलाई सुबह जयश्री पाल ने पति विष्णु पाल, सास-ससुर, जिठानी व पति से तंग आकर जहर सेवन कर लिया था। तुरंत उसे राजनांदगांव जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत की गंभीरता को देखते हुए रायपुर रामकृष्ण केयर में भर्ती कर दिया गया। आखिरकार 30 जुलाई को जयश्री की मौत हो गई। मौत के पूर्व जयश्री ने अपनी बड़ी मां और अपने मां को अपनी आप बीती बताई थी। जयश्री ने बताया था कि पति का भाभी के साथ अवैध संबंध था इसके चलते उसको मानसिक परेशान करते थे। शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। एक 10 माह की नवजात दूधमुहे बच्चे से उसकी मां का साया छीन गया। जयश्री पाल का मायके छुई खदान विकासखंड के विचारपुर में है। बेटी को इंसाफ मिले इसके लिए परिजन घुमका थाना पहुंचे। घुमका थाना प्रभारी आशा रानी परिजनों से पीएम रिपोर्ट आते ही कार्रवाई करने की बात कहते रहे। पीएम रिपोर्ट आने के बाद भी अभी तक कोई भी कार्यवाही थाना प्रभारी के द्वारा नहीं किया गया। परिजनों में थाना के प्रति आक्रोश है। परिजनों ने मामले को लेकर खैरागढ़ अनुभागीय अधिकारी एसडीओपी सीजी पथि के पास शिकायत किया।
एसडीओपी ने बताया कि घुमका पुलिस मामले की जांच कर रही है लगभग जांच पूरी कर ली गई है। मेडिकल अस्पताल से रिपोर्ट आते ही मामले में पक्षवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतिका के परिजन का कहना है पुलिस हमें गुमराह कर रही है । उनकी आशंका है कि कहीं घूमका पुलिस मोटी रकम लेकर परिजन को तो नहीं घुमा रहे हैं। जयश्री के पिता श्री अर्जुन पाल एवं माता श्री बिंदा बाई पाल जयश्री के 10 माह के बच्चे के हाथ में दूध का बोतल लेकर को इंसाफ दिलाने के लिए लगा तार प्रतिक्षारत है, आखिर जयश्री को न्याय कब मिलेगा।
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