November 24, 2020

तीस हजारी विवाद: वकीलों की हड़ताल जारी, पुलिसवाले काम पर लौटे, HC में आज होगी सुनवाई

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तीस हजारी अदालत परिसर में वकीलों से हिंसक झड़प के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने यह धरना प्रदर्शन 10 घंटे बाद खत्म तो करवा दिया लेकिन वकीलों की हड़ताल आज भी जारी है। उधर, इस मामले की सुनवाई आज हाईकोर्ट में होनी है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में दिल्ली पुलिस आज हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।

मंगलवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पुलिसकर्मी हमले में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सुबह से धरना-प्रदर्शन कर रहे जवानों ने 10 घंटे बाद मांगें मानने के आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया।

वकील हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें: बीसीआई
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने सभी बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर हड़ताल खत्म करने और जल्द काम पर लौटने को कहा है। उन्होंने ऐसे वकीलों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है जिनकी वजह से संस्था की छवि धूमिल हो रही है। बीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि सहनशीलता ऐसे वकीलों का हौसला बढ़ाती है। इसकी परिणति उच्च न्यायालयों में अवमानना कार्यवाही के रूप में होती है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के शानदार कदम के बाद भी चार नवंबर को वकीलों ने जिस तरह का आचरण किया, उसने हमें विचलित किया है। हिंसा का सहारा लेकर हम अदालतों, जांच कर रहे न्यायाधीश, सीबीआई, आईबी और सतर्कता विभाग की सहानुभूति भी खो रहे हैं। यहां तक कि आम जनता की राय भी हमारे खिलाफ जा रही है। इसके नतीजे खतरनाक हो सकते हैं।

जब पुलिस कमिश्नर के कहने पर भी ड्यूटी पर नहीं लौटे पुलिसकर्मी

मंगलवार सुबह-सुबह प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा होने लगे तो वहां सड़क पर जाम लग गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक को पुलिसकर्मियों से ड्यूटी पर लौटने का अनुरोध करना पड़ा। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आश्वस्त किया कि उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा,‘बीते कुछ दिन हमारे लिए परीक्षा की घड़ी रहे हैं। न्यायिक जांच चल रही है और मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखें। इस प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों के परिवार वाले भी शामिल हुए और उन्होंने दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों ने काली पट्टियां बांध रखी थीं और वे न्याय की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। दिल्ली पुलिस के समस्त शीर्ष अधिकारी उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने तख्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था, ‘पुलिस वर्दी में हम इंसान हैं, हम पंचिंग बैग नहीं हैं।’ ‘रक्षा करने वालों को सुरक्षा की जरूरत।’ उन्होंने अपने वरिष्ठों से अनुरोध किया कि वर्दी का सम्मान बचाने की खातिर वे उनके साथ खड़े रहें।

अनुग्रह राशि का ऐलान :
विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) सतीश गोलचा ने हड़ताली पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि घायल पुलिसकर्मियों को कम से कम 25 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी :
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट मंगलवार को गृह मंत्रालय को सौंप दी।

अब तक कार्रवाई :
दिल्ली की तीस हजारी अदालत में शनिवार को हुए बवाल में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था उत्तरी परिक्षेत्र) वरिष्ठ आईपीएस संजय सिंह और उत्तरी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

किरण बेदी को याद किया :
प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी नारे लगा रहे थे- ‘दिल्ली पुलिस का अधिकारी कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो।’ उनका कहना था कि वह भी वर्दी के पीछे एक इंसान हैं। उनकी पीड़ा कोई क्यों नहीं समझता।

उपद्रवी वकीलों की पहचान हो : बार काउंसिल
तीस हजारी अदालत परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच संघर्ष के बाद की घटनाओं के मद्देनजर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार संगठनों को पत्र लिखकर उपद्रव करने वाले वकीलों की पहचान करने का अनुरोध किया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने वकीलों से विरोध खत्म करने का आग्रह किया, क्योंकि इससे संस्थान की छवि खराब हो रही है। उन्होंने एक पत्र में कहा कि इस तरह के तत्वों को बख्शने की वजह से संस्थान की छवि खराब हो रही है और बार संगठनों की निष्क्रियता तथा सहनशीलता ऐसे वकीलों का हौसला बढ़ाती है।

कब क्या हुआ
04 नवंबर : साकेत अदालत के बाहर सोमवार को वकीलों ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर दी थी। घटना के एक वीडियो में, वकील बाइक पर सवार एक पुलिसकर्मी को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वकीलों में से एक को पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते भी देखा गया।
02 नवंबर : तीस हजारी कोर्ट मे हुई पार्किंग को लेकर हुई झड़प में कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई। इसमें कई पुलिस वाले और वकील घायल हो गए।

1988 में हुई थी वकीलों से झड़प
दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच इससे पहले 17 फरवरी, 1988 को जोरदार झड़प हुई थी। तब तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस वालों के बीच जमकर बबाल हुआ था। उस समय पुलिस उपायुक्त किरण बेदी थीं। उन्होंने पुलिस वालों को वकीलों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था। उस वक्त पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चलाई गई थी।