November 26, 2020

मनखे मनखे एक समान की बात, संविधान का भी यही सार : भूपेश बघेल

Spread the love

गुरु घासीदास जयंती समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री

रायपुर. आज से ढाई सौ बरस पहले बाबा गुरु घासीदास ने मनखे मनखे एक समान का मंत्र दिया था। यह समता मूलक समाज का मंत्र था। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसका भी सार यही है। यह लोकतंत्र है यहां सब बराबर हैं। सबके मत की कीमत समान है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह बात दुर्ग जिले के पाटन में तहसील स्तरीय सतनाम समाज द्वारा आयोजित गुरु घासीदास जयंती समारोह के अवसर पर कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने सत्य के पालन का संदेश दिया था। वे कहते थे मनखे मनखे ल जान, ये बहुत गहरी बात है। हम समझें कि हम सब एक दूसरे से अलग नहीं हैं। हम सब में मनुष्यता का अंश है। उन्होंने जातिविहीन समाज की नींव रखी। उन्होंने कहा कि सभी किसानों से धान खरीदी का वायदा निभाएंगे। अभी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। केंद्र सरकार ने बोनस देने की स्थिति में धान खरीदने से इंकार किया था अतएव समर्थन मूल्य पर धान खरीदने का निर्णय लिया गया। हम किसानों को 2500 रुपये का मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शेष राशि किसानों के खाते में किस तरह भेजी जाए इसके लिए योजना बनाने की जिम्मेदारी मंत्रियों की समिति को सौंपी गई है। बजट में योजना बनाकर शेष राशि किसानों के खाते में दी जाएगी।
इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री शिव डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने साल भर में ऐसी योजनाएं बनाई जिनके माध्यम से समाज के सभी वर्गों के समुचित विकास का रास्ता खुला। बाबा गुरु घासीराम जी ने मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया था। इस संदेश के अनुरूप सबको समुचित न्याय मिला है। चाहे कर्जमाफी हो, 2500 रुपये में धान खरीदी हो या 400 यूनिट थ बिजली बिल के आधे किये जाने की बात हो, सारे निर्णय समाज के आम आदमी को केंद्रित कर लिए गए। इससे छत्तीसगढ़ में खुशहाली और समृद्धि का रास्ता तेजी से खुल रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।