January 17, 2021

अमृतसर जेल ब्रेक: 10 ईंटें, स्टील हुक, गद्दे का कवर…कैदियों ने यूं फांदी 21 फीट की दीवार

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अमृतसर,पंजाब में हाई सिक्यॉरिटी अमृतसर सेंट्रल जेल से तीन कैदियों के फरार होने के बाद प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच अब तक की तफ्तीश में यह सामने आया है कि कैदियों ने बैरक में एक सुराख बनाकर सनसनीखेज जेल ब्रेक कांड को अंजाम दिया। इस मामले में दो असिस्टेंट जेल सुपरिंटेंडेंट समेत सात जेल कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘तीनों ने तकरीबन 10 ईंटों को हटाकर अपनी बैरक की दीवार में एक छेद कर दिया था। इसके साथ ही भीतरी 16 फीट ऊंची दीवार में सेंध लगाकर वे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते हुए बाहरी दीवार तक पहुंच गए। 21 फीट ऊंची इस दीवार को फांदने के लिए कैदियों ने स्टील की पट्टी से बने हुक और गद्दे के कवर का इस्तेमाल सीढ़ी की तरह किया।’

डीजीपी गुप्ता ने कहा, ‘आखिरकार वे टावर नंबर 10 के पास एक पॉइंट से जेल परिसर से भाग गए। यह हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में नहीं था।’ पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बाहरी मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है। ऐसा लगता है कि बैरक नंबर 7 के अहाता नंबर 2 में 61 कैदियों में से तीनों ने खुद से भागने की योजना बनाई। एडीजीपी (जेल) पीके सिन्हा ने अमृतसर में कहा कि घटना के बाद जेल में तैनात दो सहायक जेल अधीक्षकों, चार वॉर्डनों और एक होमगार्ड सिपाही समेत 7 कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

जेल प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बैरक टूटने और कैदियों के दीवार कूदकर भागने के करीब दो घंटे बाद घटना के बारे में तड़के तीन बजकर 20 मिनट पर पता चला। प्राथमिक सूचना के अनुसार, जेल के सुरक्षाकर्मियों को अन्य कैदियों के भागने की आशंका को लेकर चौकन्ना कर दिया गया है। इन कैदियों में भागे कैदी का एक भाई भी शामिल है। भागने वाले एक कैदी की पहचान अमृतसर, मजीठा रोड की आरा कॉलोनी के 22 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है। उसके खिलाफ रेप के अलावा पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज है।

डीजीपी ने बताया, ‘विशाल 5 अप्रैल 2019 को जेल में आया था। भागने वाले अन्य दो कैदी भाई हैं जिनकी पहचान चंडीगढ़ रोड, खडूर साहिब, तरनतारन निवासी 34 वर्षीय गुरप्रीत और 25 वर्षीय जरनैल के रूप में हुई है।’ उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर चोरी तथा डकैती का आरोप हैं और उन्हें पिछले साल जुलाई में जेल में लाया गया था। डीजीपी ने बताया कि विशाल का भाई गौरव भी उसकी ही बैरक में था, लेकिन वह उनके साथ नहीं भागा।

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