November 24, 2020

अणुओं का मानवोचित व्यवहार ही रमन इफेक्ट है : डॉ. मोहबे

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 दिग्विजय महाविद्यालय में जिला स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान एवं राष्ट्रीय गणित दिवस का आयोजन
राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के द्वारा जिला स्तरीय विज्ञान एवं गणित दिवस का आयोजन 5 फरवरी को किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी स्व. चंद्रशेखर वेंकट रमन और गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की उपलब्धियों को याद करने के लिये किया जाता है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव जिले के शालेय एवं महाविद्यालय के विज्ञान विषय के विद्यार्थियों ने भाषण, रंगोली, पहेली एवं पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। इन सभी प्रतियोतिओं का मुख्य विषय-चंद्रशेखर वेंकट रमन और गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की उपलब्धियां था। डा. शंकर मुनि राय, डा. सूर्यकांत मिश्रा एवं डा. लोकश ने भाषण श्रीमती दिव्या देशपांडे, श्रीमती सोनल मिश्रा एवं डा. स्वाति तिवारी ने रंगोली इसी क्रम में पोस्टर प्रतियोगिता मे डा. त्रिलोक देव, रितेश देवांगन, युनुस रजा बेग और राकेश यादव विज्ञान एवं पहेली प्रतियोगिता में डा. सुरेश पटेल, डीके वर्मा एवं गोकुल निषाद ने निणार्यक के रूप में उपस्थित थे।
प्रत्येक प्रतियोगिता के लिये प्रथम पुरस्कार प्रमाणपत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदाय कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। जिला स्तरीय अंतर शालेय स्तर पर रंगोली में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। शबनम परवीन कुरैशी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छुरिया, भाषण प्रतियोगिता में आर्यन शर्मा शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छुईखदान, पोस्टर प्रतियोगिता में यानेन्द्र पटेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजेभाठा एवं विज्ञान एवं गणित पहेली प्रतियोगिता कृतिका यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबागढ चौकी प्रथम रहे। इसी क्रम में अंतर महाविद्यालय स्तर पर विज्ञान एवं गणित पहेली प्रतियोगिता में रूपाली पाण्डे शा. भीमराव अ.बेडकर महाविद्यालय डोंगरगांव, पोस्टर प्रतियोगिता में दिग्विजय महाविद्यालय की गंगा ठाकुर, भाषण प्रतियोगिता में प्रशंात शर्मा शासकीय भीमराव अ.बेडकर महाविद्यालय डोंगरगांव एवं रंगोली प्रतियोगिता में सुनील रावटे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मुख्य अतिथि की आसंदी से डा. हेमलता महोबे ने कहा कि अणुओं का अपने कक्ष से इलेक्ट्रान का लेन देन रमन इफेक्ट प्रदर्शित करता हैं। जिससे ऊर्जा और प्रकाश फलीभूत होते है। ऐसे ही मानव व्यवहार भी लेन-देन पर आधारित होता है विद्यार्थी जीवन में छात्र अपने शिक्षकों से जो ज्ञान लेते है, जीवन भर समाज को वही वापस करते है।
प्राचार्य डा. चन्दि्रका नाथवानी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रो में विज्ञान के प्रति अभिरूचि जागृत होती हैं। इस कार्यक्रम के प्रायोजक विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग भारत सरकार तथा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी संचार परिषद नई दिल्ली तथा आयोजक छग विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी परिषद रायपुर जिला प्रशासन, राजनांदगांव, शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा स्कूल शिक्षा विभाग राजनांदगांव थे। कार्यक्रम के आयोजन में डा. अश्वनी शर्मा, प्रो. कविता साकुरे, प्रो. विकास कांडे डा. किरण जैन, डा. हेमलता विर्दी, प्रियंका साहु, पुजा गुप्ता, सृजल शर्मा, नादिर इकबाल एवं रवि कुमार साहू का विशेष योगदान रहा।
इस कार्यक्रम के समन्वयक डा. संजय ठिसके एवं आदित्य खरे थे। कार्यक्रम का सचंालन डा. सोनल मिश्रा एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. माजिद अली ने प्रस्तुत किया।

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