November 30, 2020

बजरंग दल के प्रांतीय अधिवेशन में राष्ट्रीय नेताओं के अलावा साधु-संत करेंगे कार्यकत्र्ताओं का मार्गदर्शन

Spread the love

21 व 22 मार्च को गोंडवाना भवन में आयोजन, हजारों की संख्या में जुटेंगे बजरंगी
दुर्ग ।
हिन्दूवादी संगठन बजरंग दल द्वारा 21 व 22 मार्च को स्थानीय गोंडवाना भवन सिविल लाईन में प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन किया गया है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार, कार्यकत्र्ताओं को संगठन का मूलमंत्र बताना एवं समाज के प्रति दायित्वों का बोध कराना है। इसके अलावा कोरोना वायरस के संबंध में लोगों में जागरुकता फैलाना अधिवेशन का खास विषय रहेगा। दुर्ग में पहली बार आयोजित इस प्रांतीय अधिवेशन में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी, क्षेत्रीय प्रभारी राजेश तिवारी, बालोद
पाटेश्वरधाम के संत रामबालक दास व अन्य साधु-संतो के अलावा जिला,नगर, प्रखंड व खंड के दायित्ववान बजरंगी करीब 1 हजार की संख्या में शामिल होंगे। दो दिवसीय अधिवेशन के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों में बजरंगियों को
प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे दिन हिन्दू सम्मेलन के साथ-साथ राष्ट्र
निर्माण के संदेश को लेकर शौर्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में हिन्दू संस्कृति की झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहेगी। यह बातें बजरंग दल के छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक रतन यादव व प्रांत अध्यक्ष संतोष गोलछा ने शनिवार को मीडिया से चर्चा में कही। इस दौरान बजरंग दल के जिला मंत्री देवाशीष घोष, गौरव शुक्ला, जिला संयोजक अपूर्व सिंह, मयंक उमरे, रवि निगम, भिलाई जिला अध्यक्ष प्रशांत चौबे, जिला समरसता प्रमुख कलविंदर सिंह, जिला सत्संग प्रमुख विनय यादव, प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन नेताम, जिला धर्माचार्य प्रमुख कान्हा महाराज, अश्मीत साहनी, कुलेश्वर यादव भी मौजूद थे। छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक श्री यादव व प्रांत अध्यक्ष श्री गोलछा ने संयुक्त रुप से बताया कि बजरंग दल का यह प्रांतीय अधिवेशन 3 वर्ष में एक बार आयोजित होता है। इस बार आयोजन का जिम्मा दुर्ग जिला बजरंग दल को मिला.है। अधिवेशन में संगठन के राष्ट्रीय व प्रांतीय नेता व साधु-संतो द्वारा कार्यकत्र्ताओं का मार्गदर्शन किया जाएगा। उन्होने बताया कि बजरंग दल ने इस वर्ष प्रत्येक जिले में मोहल्ला समिति गठन का निर्णय लिया है। जिसमें 2 हजार की संख्या में सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिवेशन में मोहल्ला समिति गठन के अलावा आगामी कार्यक्रमों की रुपरेखा भी तैयार की जाएगी।