November 26, 2020

विपक्ष के सत्ता की भूख ने पूरे प्रजातंत्र को शर्मसार किया : पीसी शर्मा

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 मध्यप्रदेश शासन के मंत्री पी.सी. शर्मा की पत्रकार वार्ता
भोपाल। मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर है, कि प्रतिपक्षीय दल की सत्ता की भूख ने पूरे प्रजातंत्र को शर्मसार कर दिया। यह कहना है प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा का। राजधानी भोपाल में मंगलवार को पीसी शर्मा ने आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि कांग्रेस पार्टी के विधायकों को प्रलोभित और प्रताड़ित कर दिल्ली से बैगलूर ले जाया गया। दबाव में उनके वीडियो बनाये गये और अब उनकी एक प्रेस वार्ता करायी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि उन पर किस हद तक दबाव बढ़ाया गया है। मगर फिर भी इतने दबाव के बावजूद उन्होंने स्वीकार किया कि वे भाजपा में नहीं जाएंगे। कल तक जो पूर्व मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री कमल नाथ की प्रशंसा करते नहीं थकते थे, आज वे कह रहे हैं कि उनके क्षेत्र में काम नहीं हुए। कांग्रेस पार्टी प्रामाणिकता के साथ उन मंत्रियों के वीडियो के ट्वीट्स जारी कर रही है, जिसमें वे अपने क्षेत्रों में हो रहे हजारों-करोड़ों के कामों का उल्लेख कर रहे हैं। साथ ही वे यह भी बता रहे हैं कि कैसे पंद्रह सालों में भाजपा की सरकार ने मध्यप्रदेश को अवरूद्ध विकास और अराजकता के गर्त में डाल दिया था।
गोविंद सिंह राजपूत स्वयं बता रहे हैं कि 3000 करोड़ रूपये के विकास कार्य डेढ़ साल की अवधि में कमलनाथ सरकार ने अकेले सागर जिले में किये हैं, इतना ही नहीं वो तो यहां तक भी उल्लेख कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री कलमनाथ जी जब केंद्रीय मंत्री थे, तब भी उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। इसी प्रकार तुलसी सिलावट संजीवनी क्लिनिक, मेट्रो रेल, शुद्ध के लिए युद्ध, माफिया मुक्ति, सभी के लिए कमलनाथ जी को बधाई दे रहे हैं। लगभग ये सभी विधायक और मंत्री कमलनाथ जी के कार्यों की प्रशंसा करते नहीं थकते थे।
वहीं इमरती देवी ने तो भाजपा के 15 सालों के विकास कार्यों को सिरे से ही नकारते हुए कहा कि कमलनाथ जी की सरकार आते ही हमने बेटियों की शादी के लिये दी जा रही राशि 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार कर दी, वहीं वृद्वावस्था पेंशन भी दोगुनी कर दी गई है। तो आज जब वे उनके क्षेत्रों में काम नहीं होने की बात कर रहे हैं तो ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी बहुत बड़े दबाव में यह पत्रकार वार्ता कर अपने दिये बयानों के विपरीत बातें कर रहे हैं।
हमने देश के गृह मंत्री, राज्यपाल, कर्नाटक के डीजीपी सभी से इस बात की शिकायत की है कि हमारे विधायकों को मुक्त कराया जाए। हम आश्वस्त हैं कि कमलनाथ सरकार पूर्ण बहुमत में है और जैसे ही ये विधायक बंधन मुक्त होंगे, वे दृढ़ता से कांग्रेस के साथ खड़े दिखाई देंगे। मध्यप्रदेश में प्रतिव्यक्ति आय बढ़ी है, विकास दर बढ़ी है, कृषि विकास दर बढ़ी है। पहले चरण में 20 लाख से अधिक किसानों का कर्जा माफ हुआ है। दूसरे-तीसरे चरण में सभी किसानों का कर्जा माफ होगा। 87 प्रतिशत मध्यप्रदेश के घरेलू बिजली के उपभोक्ताओं का बिजली बिल 70 प्रतिशत कम हो गया है। किसानों के खेतों की बिजली का बिल भी हाफ हो गया है।
मध्यप्रदेश के 70 प्रतिशत स्कूलों में भाजपा राज में बिजली के कनेक्शन नहीं थे। कांग्रेस सरकार ने डेढ़ साल में 9000 स्कूलों में नये सिरे से बिली कनेक्शन मुहैया कराये हैं। उच्च शिक्षा में 35 हजार नये विद्यार्थियों को भाजपा राज की तुलना में अधिक एडमिशन दिये हैं, 35 हजार करोड़ के नये औद्योगिक निवेशों ने काम करना प्रारंभ कर दिया है और लगभग 70 हजार करोड़ रूपये के नये निवेश में लैंड क्लियरेंसस हो गये हैं।
वर्ष 2019-20 में कमलनाथ सरकार ने किसानों का अब तक का सर्वाधिक 25 लाख 50 हजार मेट्रिक टन धान उपार्जित किया है। अर्थात प्रगति के पथ पर मध्यप्रदेश ने यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभायी है।
आज मध्यप्रदेश के नागरिक स्वयं कह रहे हैं 15 साल-बनाम-15 माह। अर्थात जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने बीते 15 सालों में मध्यप्रदेश को भीषणतम भ्रष्टाचार और अवरूद्ध विकास के गर्त में डाल दिया था बीते 15 माह में यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने मध्यप्रदेश के विकास को तेजी से आकार देना प्रारंभ किया है।