November 24, 2020

पूर्व सांसद चंदुलाल के पौत्र ने निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

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 15 दिनों में नहीं हुई कार्रवाई तो हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका: इन दो अधिकारियों को बनाया जाएगा पार्टी

भिलाई। चंदुलाल चंद्राकर मेमोरियल अस्पताल नेहरू नगर में जारी अनियमितताओं को लेकर पूर्व सांसद चंदुलाल के पौत्र अमित चंद्राकर ने नगर निगम भिलाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंन पांच बिंदुओं पर नगर निगम से जानकारी चाही और चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल में जारी अनियमितताओं पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा के 15 दिन के भीतर यदि नगर निगम उचित कदम नहीं उठाता है तो इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। यही नहीं याचिका के माध्यम से निगम आयुक्त व जिला कलेक्टर को पार्टी बनाया जाएगा।

इस संबंध में आज एक प्रेसवार्ता के माध्यम से उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल पर करोड़ों रुपए का बकाया है जिसके लिए इंडियन बैंक ने 29 फरवरी 2020 को निलामी रखी थी जो कि टल गई। अब सवाल यह है कि चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल दान की जमीन पर बना है तो बिना नगर निगम की अनापत्ति के इस अस्पताल को मॉडगेज रख बैंक लोन कैसे दे सकती है। अमित चंद्राकर ने निगम के अधिकारियों ने लोन को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया है। यदि ऐसा है कि इसमें भारी भ्रष्टाचार है।

अमित चंद्राकर ने कहा कि 30 के लिए लीज पर ली गई जमीन को बैंक किस आधार पर नीलाम के लिए सूचना चस्पा कर सकता है। निलामी की सूचना चस्पा होने के बाद भी नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अभी किसी भी प्रकार की आपत्ति क्यों नहीं दर्ज की गई। चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल के निर्माण के लिए 1997 में तात्कालीन साडा द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था तो दोबारा नगर निगम द्वारा अस्पताल के नाम पर फिर से लोन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र क्यों दिया गया। यही नहीं चंदुलाल चंद्राकर अस्पताल की नींव लोक हित के लिए रखा गया था अचानक करोड़ों रुपए के कर्ज का बोझ आ जाने से हॉस्पिटल के निर्माण से लेकर अब तक सदस्यों की चल अचल संपत्ति की जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है।