June 12, 2021

घर-द्वार’ पर शोधपरक लेखन के लिए जाकिर हुसैन को पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा व फिल्मकार मोहन सुंदरानी ने किया सम्मानित

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भिलाई। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले फिल्म निर्माता विजय कुमार पांडेय की पुण्यतिथि पर इस्पात नगरी भिलाई के लेखक/पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें यह सम्मान दूसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘घर-द्वार’ पर शोधपरक लेखन के लिए दिया गया।
रायपुर के भनपुरी स्थित विजय चौक में 11 मार्च की शाम हुए भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व वर्तमान में रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा और विशिष्ट अतिथि फिल्मकार मोहन सुंदरानी ने उन्हें सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, शॉल व श्रीफल प्रदान किया। आयोजक जयशंकर तिवारी व इरशाद अली ने बताया कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित लोकप्रिय वेबसाइट ‘छत्तीसगढ़ी गीत-संगी’ के लिए लेखक/पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन ने दिसंबर 2010 में फिल्म ‘घर-द्वार’ पर विस्तार से शोधपरक आलेख लिखा था। इसके साथ ही इस फिल्म का मूल प्रिंट के गुम होने और महाराष्ट्र के आंचलिक संग्रहालय में इसकी एक प्रति मिलने के संदर्भ में भी उन्होंने जानकारी दी थी।
आयोजकों ने बताया कि वर्ष 1964 में प्रथम छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘कहि देबे संदेस’ के बाद वर्ष 1971 में रायपुर भनपुरी के मालगुजार विजय पांडेय ने दूसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘घर-द्वार’ का निर्माण किया था। जिसमें मोहम्मद रफी-सुमन कल्याणपुर का गाया गीत ‘सुन-सुन मोर मया पीरा के’ और मोहम्मद रफी का गाया ‘गोंदा फुल गे मोर राजा’ गीत आज भी लोकप्रियता के चरम पर हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि स्व. विजय पांडेय छत्तीसगढ़ की शान थे। उन्होंने अपनी बोली-भाषा और संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का काम किया। आयोजन में छत्तीसगढ़ के फिल्म पीआरओ दिलीप नामपल्लीवार, रायपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश दुबे, जयबाला तिवारी, जयप्रकाश पांडेय, प्रेम चौधरी, गीता सिंह, ध्रुव प्रसाद, नागभूषण यादव, टेसू नंदकिशोर साहू, लक्ष्मीकांत तिवारी और तारकेश्वर शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।