July 24, 2021

आईएसओ 17025 पर जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Spread the love

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के अनुसंधान और नियंत्रण प्रयोगशाला ने उत्कृष्टता की ओर एक कदम आगे बढ़ाते हुए 60 प्रतिभागियों के साथ आईएसओ 17025 पर एक दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम और 25 प्रतिभागियों के साथ 4 दिवसीय आंतरिक लेखा परीक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। एनएबीएल मान्यता की दिशा में पहला कदम उठाते हुए यह प्रषिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम परीक्षण, निरीक्षण और प्रमाणन सेवाओं (टीआईसी) के लिए सुप्रसिद्ध कंपनी, मेसर्स ब्यूरो वेरिटास द्वारा 19.07.21 से 24.07.21 के मध्य आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेषक (वक्र्स), अंजनी कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीजीएम (क्वालिटी), संदीप कुमार कर, जीएम (एचआरडी), सौरभ सिन्हा, जीएम (आरसीएल), एस.एस.आर.सी मूर्ति, उप महाप्रबंधक (एचआरडीडी), संजीव श्रीवास्तव, एजीएम (एचआरडीडी), एस के पालो, प्रबंधक (आरसीएल), सुश्री ऋचा अवस्थी और एएम (एचआरडीडी) संजय तिवारी, उपस्थित थे।
सभी सत्रों का संचालन ब्यूरो वेरिटास में राष्ट्रीय प्रयोगशाला के गुणवत्ता प्रबंधक जिष्णु चट्टोपाध्याय द्वारा किया जा रहा है, जो कि देश भर के लगभग 30 प्रयोगशालाओं के साथ-साथ बांग्लादेश और श्रीलंका में प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता का प्रबंधन करते हैं। जिष्णु चट्टोपाध्याय, एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जो पिछले 30 वर्षों से गुणवत्ता के क्षेत्र में कार्यरत हैं और विभिन्न विषयों के कैलिबे्रषन और परीक्षण का दीर्घ अनुभव रखते हैं। वह आईएसओ 9001, 14001, 45001, 17020, 17025 और सप्लाई चेंज मैनेजमेंट के अधिकृत ऑडिटर हैं। कार्यक्रम को एचआरडीडी और बीई विभाग के समन्वय से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है।
ग्राहकों तक और बेहतर तरीके से पहुंचने और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी प्रक्रिया और उत्पादों को मानकीकृत करने के लिए, भिलाई स्टील प्लांट, एनएबीएल एक्रेडीषन प्राप्त करने की योजना बनाकर उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है। एनएबीएल एक्रेडीषन से जहां कंपनी की प्रयोगशाला द्वारा जारी परीक्षण रिपोर्ट से ग्राहकों के विश्वास में वृद्धि होगी वहीं कंपनी को भी इसका लाभ मिलेगा। यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ट्रैसेबिलिटी में उत्पादों को अधिक पहुंच प्रदान करेगा।
वर्तमान में, आरसीएल के पास केवल आईएसओ 9000 प्रमाणन (गुणवत्ता प्रणाली प्रबंधन) है, जबकि एनएबीएल एक्रेडीषन, प्रयोगशाला की तकनीकी क्षमता की औपचारिक मान्यता प्रदान करेगा, इस प्रकार ग्राहकों को उनकी मांगों को पूरा करने के लिए विश्वसनीय परीक्षण सेवायें प्रदान करने में अहम भूमिका निभायेगा।
मेसर्स एनपीसीआईएल, एलएंडटी, सीपीडब्ल्यूडी और कई और कंपनियां ऐसी परियोजनाएं लाने जा रही हैं, जहां ठेकेदारों के लिए इन-हाउस एनएबीएल मान्यता प्राप्त परीक्षण सुविधाओं वाले स्टील उत्पादकों से तैयार उत्पादों को क्रय करना अनिवार्य होगा। भविष्य की इन जरूरतों को देखते हुए तथा वर्तमान बाजार परिदृष्य में बढ़त हासिल करने के लिए बीएसपी के आरसीएल द्वारा सेंट्रल केमिकल लैब (सीसीएल) की एनएबीएल मान्यता ली जा रही है। सीसीएल के सफल एक्रेडीषन के बाद, आरसीएल की अन्य उत्पाद परीक्षण प्रयोगशालाओं यानी एमटीएल-1 और एमटीएल-2, यूआरएम लैब, रोलिंग मिल लैब आदि के लिए चरणबद्ध मान्यता प्राप्त करने की योजना बनाई जाएगी।