June 12, 2021

मानवता की मिशाल पेश करती जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग

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दुर्ग। रेलवे स्टेशन दुर्ग के बाहर गरीब, असहाय एवं विकलांग जनों को 1 जनवरी 2017 से लगातार बिना नागा किये 1000 दिनों से नि:शुल्क भोजन कराती आ रही जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग। शहर के युवाओं का यह ग्रुप जो कि आज 1000 दिनों से प्रतिदिन 60 से 70 लोगो को नि:शुल्क भोजन के साथ- साथ उनकी जरूरत की सामग्री कम्बल, बर्तन, दवाई, रेनकोट, छाता जैसी विभिन्न सामग्री भी नि:शुल्क उप्लब्ध काराती आ रही है।
आज के समय में एक समय का खाना खिलाना या मिलना लोगो को दूभर है, परिवार के बाहर वाले तो दूर परिवार के लोग भी भोजन खिला नही पाते, आज भी ना जाने कितने लोगो को एक वक्त का खाना बमुश्किल से मिलता है,125.करोड़ के देश में आज भी लाखों लोग मुश्किल से एक वक्त ही खाना खा पाते, दूसरे वक़्त का भोजन मिले उसकी कोई गारंटी नही है, एक वक्त उन्हें भूखे ही सोना पड़ता है, पर इस देश में जहा गरीबी भुखमरी मौजूद है पर वही दूसरी ओर इस भारत देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश में ऐसे लोग भी मौजूद हैं,जो इंसानियत और मानव सेवा के लिए अपना समय निकालकर सेवा भाव से परोपकार का कार्य कर रहे हैं। कोई जरूरी नही की हर कार्य सरकार के भरोसे ही रहकर किया जाए, कुछ कार्य खुद से भी किया जा सकता है, अगर आप मे करने का जज्बा माद्दा हो ऐसा ही कुछ नजारा आज 1000 दिनों से दुर्ग रेलवे स्टेशन के बाहर देखने को मिलता है। जन समर्पण सेवा संस्था के प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि भोजन सेवा की शुरुआत 1 जनवरी 2017 से की गई है, जो कि आज 1000 दिन हो गए हैं, प्रतिदिन लगभग 60 से 70 गरीब, असहाय, विकलांग, एवं अनाथ जनों को भोजन वितरण किया जाता रहा है।
संस्था द्वारा प्रतिदिन रात्रि 8 बजे भोजन के साथ- साथ संस्था द्वारा इस 1000 दिनों में 37 ट्रायसिकल, 52 बैसाखी, लगभग 600 कम्बल, सैकड़ों बर्तन, कपड़े, दवाई, एवं जरूरत की विभिन्न सामग्री नि:शुल्क वितरण की गयी है। भोजन सेवा को आज 1000 दिवस पूर्ण होने पर संस्था द्वारा सभी सहयोगियों को बधाई एवं आभार प्रेषित किया गया एवं आज दुर्ग रेल्वे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न स्थानों में घूम-घूमकर सैकड़ों गरीब, असहाय, विकलांग, अनाथ जनों के साथ- साथ आम जनता को भी भोजन वितरण किया गया। साथ ही साथ सभी सहयोगियों को आमंत्रित कर सभी के साथ संस्था के सदस्यों ने भी आज गरीब, असहाय, विकलांग जनों के साथ भोजन किया। साथ ही साथ आज गौ सेवा करते हुए शहर में सैकड़ों गायों को गुड़, चना, रोटी खिलाई गयी।
संस्था के इस कार्य में जुड़े सभी सदस्य अपना एवं अपने परिवार के सदस्यों का जन्म दिवस, शादी की सालगिरह भी इन गरीब,असहाय, विकलांग, एवं अनाथ जनों के बीच ही केक काटकर एवं मिष्ठान वितरण करके मनाया जाता है, दिन प्रतिदिन सहयोगियों के सहयोग बढ़ता जा रहा है, कुछ दिनों से शहर के प्रतिष्ठित लोगों के द्वारा अपने- अपने परिवार के सदस्यों का जन्मदिवस भी संस्था के साथ सहयोग करके गरीबों को भोजन खिलाकर मानाया जाता है।
Óदिव्यांग उपयोगी सामग्री का नि:शुल्क वितरणÓ
जनसमर्पण सेवा संस्था व्दारा भोजन सेवा के साथ दुर्घटना एवं अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोगो के लिए उनकी जरूरत की सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराने का एक छोटा सा प्रयास प्रारंभ किया गया है, जिसमें दिव्यांग जनों के लिए व्हीलचेयर, बैसाखी, स्टिक, कम्मोट चेयर, एवं अन्य उपयोगी सामग्री उपलब्ध है। संस्था प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों की दुर्घटना या अन्य कारणों से शरीर के विभिन्न अंगों में चोंटें आ जाती है या लकवा जैसी बीमारी हो जाती है, जिसके कारण उनको दैनिक दिनचर्या में तकलीफ होती है और उनकी तकलीफ दूर हो, इसके लिए जो सामग्री की जरूरत होती है वो काफ ी महंगी होती है, जिसे वो क्रय नही कर पाते वैसे गरीब, असहाय, दिव्यांग जनों को उनकी जरूरत की सामग्री संस्था द्वारा श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर, गंजपारा, दुर्ग से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जावेगी।
भोजन सेवा में अर्जित शुक्ला, शिशु शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, समीर खान, आफ ताब खान, शब्बीर खान, अंजय ताम्रकार, आदित्य नारंग, शिबू मिर्जा, राहुल आढ़तिया, सुमित, सुधांशु गुप्ता, हर्ष जैन, संजय सेन, महेश गुप्ता, नारायण मरकाम, आदि संस्था के सदस्य उपस्थित होकर जरूरतमंद गरीब, असहाय, अनाथ, एवं विकलांग जनों को प्रतिदिन भोजन के साथ- साथ हलवा, पूड़ी, मिष्ठान, नमकीन, फ ल का वितरण किए ।