January 26, 2021

10 हजार के लोन के चक्कर में अमीर लोग भी बने स्ट्रीट वेंडर

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना के तहत पूर्वी एमसीडी इलाके में 10 हजार रुपए का लोन लेने के लिए कई ऐसे लोग भी अपने को स्ट्रीट वेंडर बता रहे हैं, जिनके पास अपना मकान है और खातों में अच्छा खासा बैंक बैलेंस है। इनमें से कुछ लोगों के पास तो कार भी है।
ऐसे लोगों की जानकारी सामने आने के बाद बैंक ने ऐसे लोगों को इस योजना से बाहर कर दिया है। बैंक अधिकारियों ने उनसे कहा कि यह योजना रेहड़ी-खोमचा लगाकर अपने परिवार का जीवनयापन करने वाले गरीब लोगों के लिए है। एमसीडी को वेंडर चिह्नित कर उनका डेटा तैयार कर संबंधित बैंक को भेजने का काम सौंपा गया है। बैंक उस डेटा के आधार पर लोन देने से संबंधित बाकी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद वेंडर को 10 हजार रुपए का लोन देंगे।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई वार्डों में अच्छे प्रोफाइल वाले लोग भी 10 हजार रुपए के लिए रेहड़ी-पटरी वाले बन गए हैं, जबकि कई लोगों के पास कार के साथ-साथ खासा बैंक बैलेंस भी मिला है। बैंक ने ऐसे तमाम लोगों को इस योजना से बाहर कर दिया है।
इनमें से कई लोग तो ऐसे भी पाए गए हैं, जिनका अपना मकान है और उन्होंने अपने मकान में ही दुकान खोल रखी है। उन्होंने भी 10 हजार रुपए के लोन के लिए आवेदन किया है। अधिकारी ने बताया कि लोन अप्लाई करने के लिए वेंडर के पास एमसीडी से संबंधित कोई रसीद होनी चाहिए। जिन वेंडर के पास ऐसी कोई रसीद नहीं है, उनका मौके पर ही वेरिफिकेशन करके उन्हें रसीद दी जा रही है। इसके अलावा लोन के लिए आधार कार्ड के साथ-साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है। इस समय सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जितने भी लोग लोन के लिए आवेदन करने आ रहे हैं, उनके पास रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर नहीं है।
ईस्ट एमसीडी को 15000 वेंडरों को चिह्नित कर उनका डेटा बैंक को भेजना है। अब तक चार हजार से अधिक वेंडर के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इस दौरान करीब 350 वेंडरों को बैंक से लोन मिल चुका है, जबकि 650 के करीब लोगों का लोन पास हो गया है। बहुत जल्द लोन की धनराशि उनके अकाउंट में पहुंच जाएगी। इस पैसे से वेंडर अपने काम को आगे बढ़ा सकते हैं।