November 26, 2020

शिवसेना की उम्मीदों को झटका, कांग्रेस के बाद अब पवार बोले- विपक्ष में बैठेंगे

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मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर शिवसेना की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ किया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठेगी. उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष के रूप में चुना है. हम विपक्ष में बैठेंगे. वहीं गुरुवार को शिवसेना नेता संजय राउत से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि राउत मुझसे मिले थे, लेकिन शिवसेना के बारे में कोई बात नहीं हुई.
बता दें कि सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी शिवसेना को समर्थन देने के मूड में नहीं है. कांग्रेस विपक्ष में बैठने को तैयार है. इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता कहते आए हैं कि अगर शिवसेना समर्थन मांगने आती है तो हम उसपर विचार करेंगे. महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता भले ही शिवसेना को समर्थन देने पर बयान देने चुके हैं, लेकिन पार्टी नेृतत्व इसके खिलाफ है.
सोनिया गांधी के घर हुई बैठक
शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर बैठक हुई. राज्य इकाई के नेताओं का मानना है कि सरकार बनाने के लिए पार्टी को शिवसेना का समर्थन करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व जल्दबाजी में फैसला लेना नहीं चाहती.
सोनिया गांधी के घर पर हुई बैठक में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोरट, मणिरॉव ठाकरे और पृथ्वीराज चौहान मौजूद रहे. बैठक में शामिल रहे बालासाहेब थोरट ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद हमें सभी चीजों की रिपोर्ट सोनिया गांधी को देनी थी. आज हमने विधानसभा चुनाव की सभी रिपोर्ट उन्हें दे दी. हमने काफी चर्चा की. थोरट ने कहा कि हमने सोनिया गांधी को महाराष्ट के मौजूदा राजनीतिक हालात के बारे में बताया.

संजय राउत ने की थी पवार से मुलाकात
शिवसेना विधायक दल की बैठक के बाद गुरुवार को जब संजय राउत ने NCP प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की तो राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं. संजय राउत की ओर से तो इसे सिर्फ दिवाली मिलन जैसा ही बताया गया है, लेकिन इसका संदेश काफी आगे तक गया.
नवाब मलिक ने क्या कहा था
सीएम की कुर्सी के लिए जारी खींचतान के बीच एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए कोई अछूता नहीं है. मलिक ने कहा कि अगर बीजेपी और शिवसेना सरकार नहीं बनाती हैं तो एनसीपी सरकार बनाने का तरीका ढूंढेगी. उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्यपाल शासन और बाकी विकल्पों की बात कर रही है, लेकिन चुनाव इसके लिए नहीं हुए थे. एनसीपी प्रवक्ता ने कहा कि कुछ भी संभव है. शिवसेना पर नरम रुख अपनाते हुए मलिक ने कहा कि शिवसेना ने काफी समय से अन्याय देखा है और लोगों ने भी ऐसा देखा है.