October 27, 2020

जेपी नड्डा की टीम में अभी भी खाली हैं चार पद, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद BJP का संगठन विस्तार संभव

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नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आठ महीने की मशक्कत के बाद राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी भी चार पद खाली हैं। इनमें एक महासचिव का पद शामिल है। इसके साथ ही पार्टी संविधान के अनुसार एक तिहाई महिला पदाधिकारी भी नहीं बनाए जा सके हैं। माना जा रहा है कि यह रिक्तियां केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को देखते हुए रखी गई है, ताकि उस समय कुछ नेताओं को समंजित किया जा सके।नड्डा ने इस साल जनवरी में विधिवत रूप से पार्टी की कमान संभाली थी और अब सितंबर के आखिर में जाकर उन्होंने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा की है। पार्टी संविधान के अनुसार केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा 39 पदाधिकारी 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष बनाया जाता है। नड्डा की टीम में अभी 12 उपाध्यक्ष, नौ महासचिव और 13 सचिव बनाए गए हैं। इस लिहाज से एक उपाध्यक्ष, एक महासचिव और दो सचिवों के पद रिक्त हैं। महिला मोर्चा के अध्यक्ष की घोषणा होना भी अभी बाकी है।

कार्यकारिणी में भी होंगे बड़े बदलाव
नड्डा को अभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन भी करना है। इसमें कम से कम 25 फीसद बदलाव करने होते हैं। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में जिस तरह लगभग 70 फीसद बदलाव किए गए हैं उसे देखते हुए कार्यकारिणी में भी बड़ी संख्या में बदलाव होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्रीय संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति की घोषणा भी की जानी है।

राजनाथ ने दी थी एक तिहाई महिलाओं को जगह
पार्टी संविधान के अनुसार संगठन में केंद्रीय पदाधिकारियों में एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाते हैं ऐसे में कम से कम 4 और महिला पदाधिकारियों को शामिल किया जाना होगा। हालांकि पार्टी में लंबे समय से न तो पूरे पदाधिकारी बनाए गए हैं और न ही महिलाओं की पूरी संख्या रखी गई है। पिछली बार 2013 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अपनी टीम में सभी 40 पदाधिकारी (अध्यक्ष समेत) की घोषणा की थी और उसमें एक तिहाई यानी 13 महिलाओं को भी जगह दी गई थी। जिनमें पांच उपाध्यक्ष और आठ सचिव बनाई गई थी।

बिहार चुनाव बाद विस्तार संभावित
भाजपा अध्यक्ष ने जो पद रिक्त रखे हैं वह निकट भविष्य में भरे जाएंगे। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को देखते हुए यह रिक्तियं रखी गए हैं, क्योंकि उस समय कुछ नेताओं के सत्ता और संगठन में आने जाने के क्रम में संगठन में भी कुछ नेताओं को जगह दी जाएगी।