November 26, 2020

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ शुरू की निर्णायक लडाई: शाह

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नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म किए जाने के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान द्वारा कई वर्षों से परोक्ष रूप से जारी युद्ध और आतंकवादी कृत्यों को खत्म करने की निर्णायक लड़ाई शुरू की है।
शाह ने मंगलवार को यहां राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 35वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा कहा कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर में दीर्घकालिक शांति स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने का हाल ही में लिया गया निर्णय कश्मीर घाटी से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को पूरी तरह मिटाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नही करने की नीति पर अडिग है और इस लक्ष्य को हासिल करने में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। मानेसर में एनएसजी के मुख्य केंद्र में शाह ने कहा कि उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के साथ हमने अपने पड़ोसी (पाकिस्तान) द्वारा कई वर्षों से परोक्ष रूप से जारी युद्ध और आतंकवादी कृत्यों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है। इससे कश्मीर और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि भारत कई वर्षां से आतंकवाद की समस्या का सामना कर रहा है और दुनिया में बहुत कम ही देश होंगे जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ इतनी लंबी लड़ाई लड़ी हो। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी सभ्य समाज के लिए अभिशाप और विकास में बाधा है। शाह ने कहा कि इसलिए हमारी सरकार आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नही करने की नीति पर अडिग है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के निर्णय का लक्ष्य कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह मिटाना और देश को इस समस्या से बचाना था। गृह मंत्री ने कहा कि गतिशीलता निगरानी, मारक क्षमता और ड्रोन हमलों से निपटने की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एनएसजी को नवीनतम उपकरण मुहैया कराए गए हैं। लेकिन एक कमांडो का साहस, जुनून और देशभक्ति सबसे महत्वपूर्ण गुण है जो किसी अभियान या कार्य में जीत सुनिश्चित करता है। उन्होंने एनएसजी से लगातार अपने वल्र्ड क्लास जीरो एरर दृष्टिकोण से काम करने को कहा। एनएसजी का गठन 1984 में किया गया था जो संघीय आतंकवाद निरोधी बल है।
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